************************************* QR code of mobile preview of your blog Page copy protected    against web site content infringement by CopyscapeCreative Commons License
-------------------------

Subscribe to Hindi-Bharat by Email

आवागमन/उपस्थिति


View My Stats

इस सुख को बार-बार जीने की इच्छा हुई

इस सुख को बार-बार जीने की इच्छा हुई
(10th May : The day when the world comes together)

कल एक मित्र ने यह विडियो भेजा। इसे देखना स्वयं में इतना सुखद अनुभव था कि एक तो इस सुख को बार बार जीने की इच्छा हुई जाती थी, दूसरे यह भी कि बुजुर्गों से सुना है - "बाँटने से दुःख कम होता है व सुख बाँटने से बढ़ता है "। तो अब कोई इसमें तीन पाँच की बात ही नहीं रह गयी कि क्यों न अपने इस सुख को द्विगुणित किया जाए।

यों भी ऐसी चीजों को सहेज कर अपने लिए अलग रख लेने की कामना को (यह वीडियो देख कर ) स्वार्थ तो नहीं कहा जा सकता। गुडगाँव की मंजु बंसल जी के सौजन्य से उपलब्ध कराए गए इस विडियो की सराहना व प्रशंसा के शब्द ही बता सकते हैं कि यह प्रयास सभी को कितना रुचता है -


Imagine! Kenya sings for India


इस सुख को बार-बार जीने की इच्छा हुई इस सुख को बार-बार जीने की इच्छा हुई Reviewed by Kavita Vachaknavee on Saturday, May 03, 2008 Rating: 5

No comments:

आपकी सार्थक प्रतिक्रिया मूल्यवान् है। ऐसी सार्थक प्रतिक्रियाएँ लक्ष्य की पूर्णता में तो सहभागी होंगी ही,लेखकों को बल भी प्रदान करेंगी।। आभार!

Powered by Blogger.