अज्ञेय जी का जन्मदिवस ( ७ मार्च ) अभी अभी ही बीता है,
उनके स्वर में उनकी अमर रचना "असाध्य वीणा" को उनकी चित्रावली के साथ चलते हुए सुनने का आनन्द लें -
उनके स्वर में उनकी अमर रचना "असाध्य वीणा" को उनकी चित्रावली के साथ चलते हुए सुनने का आनन्द लें -