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इस ( बे ) हाल में जीना है .....?

इस  ( बे ) हाल में जीना है .....? 



 व्यथा-कथा ही कुछ ऐसी है कि  मैं तो अपने आँसू रोक नहीं पाई, जिनके जी कड़े हों वे अपने आँसू रोक सकें तो आजमा लें .....|

हमें आईना दिखाता है हमारा समाज !  कुछ सीख सकें तो बात है !!






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