"हिन्दी सीखो और प्रांतीयता का त्याग करो" : बंगालियों को सुभाष चन्द्र बोस की सलाह

 "हिन्दी सीखो और प्रांतीयता का त्याग करो"
बंगालियों को सुभाष चन्द्र बोस की सलाह 





8 जुलाई 1939 के "हिंदुस्तान" समाचार पत्र में बाबू सुभाष चन्द्र बोस के विषय में एक समाचार छपा था जिसमें अन्य कई विषयों सहित सुभाष बाबू ने जबलपुर के बाङ्ला समाज को हिन्दी सीखने व प्रांतीयता का त्याग करने की सलाह दी।

आज सुभाष बाबू के जन्मदिवस (23 जनवरी) पर, अमर सेनानी को प्रणाम सहित, प्रस्तुत है उस ऐतिहासिक समाचार की रिपोर्ट - 







8 comments:

  1. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी है.
    सुभाषचंद्र वास्तव में भारत के अनमोल रतन थे.

    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

    मेरे ब्लॉग पर आप एक बार आयीं थीं,बहुत अच्छा लगा मुझे.
    फिर से आईयेगा,कविता जी.
    आशा है आपको मेरा ब्लॉग पसंद आयेगा.

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  2. बहुत अच्छी जानकारी।

    बाङ्ला --> बाङ्गला

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  3. सुन्दर जानकारी के लिए धन्यवाद।

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  4. कल जयपुर साहित्‍य मेले में चेतन भगत ने युवाओं को सलाह दी है कि अंग्रेजी सीखो। कल और आज में यही अन्‍तर है।

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  5. चेतन भगत को ... ... छोड़िए कुछ गलत और कड़ा बोलें, इससे पहले

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  6. लेकिन आज के समय में सब ये ही सलाह देते है कि अग्रेजी सीखो हमारे बचो को आज की पीढ़ी को अग्रेजी खूब आती है लेकिन हिंदी नहीं आती .. दुर्भाग्य..

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  7. बीती बाते छोड़ो.... अब तो प्रांतीयता के भी टुकडे टुकडे करने पर आमादा दीवानों से देश की बातें कौन करें।

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  8. Kash yah aitihasik samachar aaj sabhi sachhe man se angikar kar paate..
    Hindi sahitya aise hi protsahit karne ki jarurat hai..
    sundar prastuti ke liye aabhar!

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आपकी सार्थक प्रतिक्रिया मूल्यवान् है। ऐसी सार्थक प्रतिक्रियाएँ लक्ष्य की पूर्णता में तो सहभागी होंगी ही,लेखकों को बल भी प्रदान करेंगी।। आभार!

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