अब देश में रात को भी विशाल ध्वजदंड पर फहराया जा सकेगा राष्ट्रीय ध्वज






सांसद श्री नवीन जिंदल ने रचा एक और इतिहास
अब देश में रात को भी विशाल ध्वजदंड पर फहराया जा सकेगा राष्ट्रीय ध्वज

 


गृह मंत्रालय ने श्री जिंदल के प्रस्ताव को दी अनुमतिनई दिल्ली, दिसंबर 23, 2009। सांसद श्री नवीन जिंदल ने फिर इतिहास रच दिया जब 22 दिसंबर 2009 को गृह मंत्रालय ने श्री जिंदल के देश में राष्ट्रीय ध्वज रात को भी विशाल ध्वज दंड पर फहराने के प्रस्ताव को दी अनुमति दे दी।

जून 2009 में गृह मंत्रालय को लिखे गए पत्र में श्री जिंदल ने यह अनुमति मांगी थी कि देश में रात को भी विशाल ध्वज दंड पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके। विश्व के विभिन्न देशों जेसे मलेशिया, जार्डन, आबुधाबी, उत्त्री कोरिया, ब्राज़ील, मैक्सिको व तुर्कमेनिस्मान का हवाला देते हुए कहा था कि इन देशों में विशाल घ्वज दंडों पर रात में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।

गत 22 दिसंबर 2009 को गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में श्री जिंदल को सूचित करते हुए कहा कि उनके प्र्रस्ताव पर गंभीर विचार करने के पश्चात् गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि अब से देश में राष्ट्रीय ध्वज रात को भी विशाल ध्वज दंड पर फहराया जा सकेगा।

श्री नवीन जिंदल, सांसद ने कैथल और लाड़वा (कुरूक्षेत्र), हिसार व कुरूक्षेत्र में देश के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया है। यह राष्ट्रीय ध्वज 206 फुट ऊंचा है और इसकी चैड़ाई 48 फुट एवं लंबाई 72 फुट है। राष्ट्रीय ध्वज का कुल वजन 40 किलोग्राम है।

श्री जिंदल द्वारा लड़ी गई एक दशक की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि देश के प्रत्येक नागरिक को आदर, प्रतिष्ठा एवं सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार है और इस प्रकार यह प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार बना है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्रिय मंत्रीमंडल ने फ्लैग कोड में संशोघन किया था।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से प्रेरणा पाते हुए श्री नवीन जिंदल ने ‘फ्लैग फाउंडेशन आॅफ इंडिया’ की स्थापना की जिसके माध्यम से वह देश के प्रत्येक नागरिक को तिरंगे के साथ जोड़ना और अत्यधिक गर्व की भावना के साथ अधिकाधिक भारतीयों के बीच तिरंगे के प्रदर्शन को लोकप्रिय बनाना चाहते हैं। फ्लैग फाउंडेशन आज के युवा वर्ग का तिंरगे के साथ एक नाता बनाने का एक निष्ठावान प्रयास है ताकि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम का एक शक्तिशाली प्रतीक बने और असंख्य भारतीयों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बने जो पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और देश को सम्मान दिलवा रहे हैं भले वे किसी भी क्षेत्र में हों।

आज का भारत युवाओं का देश है, आज 75%से अधिक व्यक्ति 40 साल से कम उम्र के हैं, जीवन के सबसे उपार्जक साल जहां व्यक्ति अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है। युवाओं की शक्ति को समझते हुए श्री नवीन जिंदल ने, जो खुद एक युवा हैं, राष्ट्र के युवाओं के लिए एक जन आंदोलन आरंभ किया है जो ”युवा हिंदुस्तानी“ कहलाता है। यह क्रांतिकारी आंदोलन तेजस्वी युवाओं को एक साथ इकट्ठा करना है और इसका ध्येय भारत एवं उसके लोगों को गौरवान्वित, सुखी एवं समृद्ध बनाने के लिए परिवर्तन का माध्यम बनना है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें: विवेक शर्मा / 9818552437


6 comments:

  1. कविता जी,
    सारे राजनेता एक जैसे नहीं होते, ये नवीन जिंदल ने साबित किया है...हमारे देश में राष्ट्रध्वज को लेकर लोगों में इतना डर है कि उसे फहराने तक से डरते हैं...कहीं गलती से अवमानना न हो जाए...मुझे याद है न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था तो उसके बाद अमेरिका में क्या छोटा, क्या बड़ा सभी लोग एकजुटता जताने के लिए अमेरिका के राष्ट्रीय ध्वज की पन्नियां लेकर सड़कों पर आ गए थे...राष्ट्रीय ध्वज हममें राष्ट्रीयता की भावना जगाने वाला होना चाहिए, न कि उसे लेकर दिल में डर और शंकाएं पैदा हों...इसलिए नई परिस्थितियों में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियम-कायदों में ढील दी ही जानी चाहिए...

    जय हिंद...

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  2. navin jindal punjipati hai lekin tirange ke liye unki ladaai ka swagat hi kiya jayega. ek sahi nirnay hua hai yah.

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  3. यह एक अच्छी खबर है ।

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आपकी सार्थक प्रतिक्रिया मूल्यवान् है। ऐसी सार्थक प्रतिक्रियाएँ लक्ष्य की पूर्णता में तो सहभागी होंगी ही,लेखकों को बल भी प्रदान करेंगी।। आभार!

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