व्यवसाय और हमारी भाषाएँ

 व्यवसाय और हमारी भाषाएँ 
 राहुल देव जी के सौजन्य से 



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5 comments:

  1. अच्छी जानकारी। धन्यवाद।

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  2. निमंत्रण-पत्र की भाषा और हिन्दी के लिये उत्साहवर्धक संकेत मन को छू गये।

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  3. हिंदी के हक में एक स्वागतीय समाचार॥

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  4. अच्छी जानकारी दी।आभार।

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आपकी सार्थक प्रतिक्रिया मूल्यवान् है। ऐसी सार्थक प्रतिक्रियाएँ लक्ष्य की पूर्णता में तो सहभागी होंगी ही,लेखकों को बल भी प्रदान करेंगी।। आभार!

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