हिन्दी हास्य-परिवार पर एक और संकट ( कवि सुरेन्द्र शर्मा के परिवार में)



हिन्दी हास्य-परिवार पर एक और संकट (कवि सुरेन्द्र शर्मा के परिवार में)




हिन्दी हास्य कविता परिवार पर आसन्न संकटों का क्रम अभी थमा नहीं लगता। ओमप्रकाश आदित्य जी सहित तीन लोगों का प्राणांत, उसी दुर्घटना में घायल इस परिवार के साहित्यिक बंधु , पश्चात् अल्हड़ जी का विदा होना और अब सुरेन्द्र शर्मा जी के परिवार में यह शोक का काल|


अभी अभी आदरणीय कमलकान्त बुधकर जी का संदेश मिला है| जो निस्संदेह दुखद है। मैं दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आप से बुधकर जी का संदेश बाँट रही हूँ ,जो कुछ यों है -


"हिन्‍दी हास्‍य परिवार पर इन दिनों सचमुच कोई भारी संकट ही है। मेरे पास एक एसएमएस वरिष्‍ठ हास्‍यकवि श्री सुरेन्‍द्र शर्मा की ओर से आया है। उनकी इकतीस वर्षीया पुत्रवधू श्रीमती प्रियता बीते रविवार को अचानक परिवार को बिलखता छोड स्‍वर्ग सिधार गईं। आज हरिद्वार में उनकेपति उनके अंतिम अवशेष गंगा में विसर्जित कर रहे हैं। प्रियता अपने पीछे अपने भरपांच और दो वर्ष की दो बेटियाँ भी बिलखती छोड़ गयी हैं। न्‍दी हास्‍य परिवार पर इन दिनों सचमुच कोई भारी संकट ही है। मेरे पास एक एसएमएस वरिष्‍ठ हास्‍यकवि श्री सुरेन्‍द्र शर्मा की ओर से आया है। उनकी इकतीस वर्षीया पुत्रवधू श्रीमती प्रियता बीते रविवार को अचानक परिवार को बिलखता छोड स्‍वर्ग सिधार गईं। आज हरिद्वार में उनकेपति उनके अंतिम अवशेष गंगा में विसर्जित कर रहे हैं। प्रियता अपने पीछे अपने भरे पूरे परिवार में पांच और दो वर्ष की दो बेटियां भी छोड गई हैं।

भाई सुरेन्‍द्र शर्मा के एसएमएस के अनुसार स्‍वर्गीया प्रियता की आत्‍मशांति के निमित्‍त 26 जून 2009 को शाम 5 से 6 के बीच एक प्रार्थनासभा आईपी कॉलेज और सुश्रुत ट्रोमा सेंटर के पास गुरू जंभेश्‍वर संस्‍थान सिविल लाइंस दिल्‍ली में आयोजित है। "

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6 comments:

  1. ईश्वर प्रियता जी की आत्मा को शांति दे एवं शर्मा परिवार को असीम दुख को सहने की क्षमता प्रदान करे.

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  2. दुःख की इस घड़ी को झेलने में परिजनों को आत्मिक बल प्राप्त हो।

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  3. दिवंगत आत्मा को ईश्वर शांति दे और शोकतंप्त परिवार को यह दुख सहन करने की ताकत दे.


    रामराम.

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  4. परमपिता प्रियता की आत्‍मा को शांति और शर्मा परिवार को मानसिक बल प्रदान करे।

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  5. वाकई हिन्दी हास्य कविता परिवार पर संकट चल रहा है, अभी पिछले सदमों से उबरे भी नहीं थे कि एक और दुखद समाचार...
    भगवान प्रियताजी की आत्मा को शान्ति प्रदान करें।

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आपकी सार्थक प्रतिक्रिया मूल्यवान् है। ऐसी सार्थक प्रतिक्रियाएँ लक्ष्य की पूर्णता में तो सहभागी होंगी ही,लेखकों को बल भी प्रदान करेंगी।। आभार!

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