गणतन्त्र दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों, विद्यालयों आदि में मुख्य अतिथियों ने भाषण दिए। इनमें से कई ने अंग्रेजी में ही भाषण दिया। क्या यह राष्ट्रीय गुलामी की निशानी नहीँ? हिन्दी भाषी होते हुए भी अंग्रेजी में भाषण देनेवालों का क्यों न सामाजिक तिरस्कार किया जाए?
ज्ञानपीठ सम्मान गृहीता कवि कुंवर नारायण, डॉ वेदप्रताप वैदिक व श्री दिनेशराय ( सचिव, उद्योग मंत्रालय), के हाथों 7 फरवरी 2010 को दिल्ली के ICCR सभागार में `अक्षरम्', ICCR व साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 8वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में सम्मान ग्रहण करते हुए
हार्दिक शुभकामनाएँ।
ReplyDeleteगणतन्त्र दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों, विद्यालयों आदि में मुख्य अतिथियों ने भाषण दिए। इनमें से कई ने अंग्रेजी में ही भाषण दिया। क्या यह राष्ट्रीय गुलामी की निशानी नहीँ? हिन्दी भाषी होते हुए भी अंग्रेजी में भाषण देनेवालों का क्यों न सामाजिक तिरस्कार किया जाए?
ReplyDeleteगणतंत्र की शुभकामनाएं। संग्रहणीय चित्र॥
ReplyDelete